शिव शक्ति धाम सरकार: परिचय
शिव शक्ति धाम सरकार केवल एक धाम नहीं, बल्कि सैकड़ों वर्षों से चली आ रही नाथ संप्रदाय की गुरु परंपरा, सिद्ध साधना और दिव्य शक्तियों का एक जीवंत केंद्र है। यहाँ की प्रत्येक धूल कण में पूर्ववर्ती गुरुजनों के कठिन तप और त्याग की ऊर्जा समाहित है।
पावन गुरु परंपरा और नींव
इस धाम की जड़ें अत्यंत प्राचीन हैं, जिसका प्रारंभ भगवान दत्तात्रेय एवं आदि-गुरु भगवान शिव के स्वरूप दादा गुरु मछंदरनाथ जी और योगिराज गुरु गोरखनाथ जी ने किया। वर्तमान में, श्री श्री 108 श्री चंद्र नाथ अघोरी जी अपनी गुरु परंपरा की प्राचीन मर्यादाओं का पालन करते हुए निस्वार्थ भाव से 'मानव कल्याण' और 'सनातन धर्म की रक्षा' के संकल्प को आगे बढ़ा रहे हैं।
52 डोर की रानी" महामाई मां आशु मेहतरानी
धाम में तंत्र की जाग्रत शक्ति के रूप में महामाई मां आशु मेहतरानी विराजमान हैं, जिन्हें '52 डोर की रानी' और 'कलयुग की रानी' कहा जाता है। वे शाबर तंत्र विद्या की अधिष्ठात्री देवी हैं। मान्यता है कि महामाई की शरण में आने वाले भक्त की रक्षा उनकी 52 डोर की सेना करती है, जिससे नकारात्मक शक्तियाँ निष्प्रभावी हो जाती हैं।
साधना के दिव्य प्रतीक और सिद्धियाँ
चैतन्य धुना: गुरु गोरखनाथ जी का प्रतीक स्वरूप यह धुना साक्षात् शिव स्वरूप जाग्रत शक्ति का केंद्र है, जिसकी सेवा पीढ़ियों से निरंतर चली आ रही है।
सिद्ध सामग्री: दरबार से प्राप्त सिद्ध अभिमंत्रित लौंग, पढ़ा हुआ जल और चैतन्य धुने की भभूत भक्तों के लिए सुरक्षा कवच और असाध्य रोगों के निवारण का कार्य करती है।
नर्मदेश्वर महादेव: धाम में साक्षात् शिव-शक्ति का वास है, जो साधकों को अभयदान प्रदान करते हैं।
निशुल्क भव्य दरबार: यहाँ प्रति शनिवार महामाई का 'पूर्णतः निःशुल्क' दरबार लगता है, जहाँ दुनिया भर से श्रद्धालु अपनी अर्जी लगाते हैं।
बाधा निवारण: भूत-प्रेत बाधा, तांत्रिक बाधा, शत्रु बाधा और घरेलू कलह का यहाँ श्रद्धापूर्वक अर्जी लगाने से निश्चित निवारण होता है।
संकल्प: धाम का मुख्य उद्देश्य सनातन धर्म का प्रचार, गौ-सेवा (राष्ट्रमाता का दर्जा), और बिना भेदभाव के मानव कल्याण करना है।
धाम की वर्तमान विशेषताएँ और सेवा
वर्तमान पीठाधीश्वर श्री चंद्र नाथ अघोरी जी महाराज का संबंध अत्यंत गौरवशाली 'भागीरथी गोत्र' और 'रघुवंशी (सूर्यवंशी)' वंश से है। मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम की इसी विरासत के कारण उनके व्यक्तित्व में शरणागत की रक्षा और सत्यनिष्ठा का अद्भुत संगम है।
गुरु महाराज: भागीरथी गोत्र एवं रघुवंशी गौरव
जहाँ गुरु परंपरा की शक्ति, महामाई मां आशु मेहतरानी की कृपा और शिवशक्ति की दिव्यता एक साथ समाहित होती है — वही दिव्य स्थान है “शिव शक्ति धाम सरकार ”
आदेश - आदेश
नाथ जी गुरु जी का आदेश !
परम पूज्य गुरु महाराज का दिव्य संकल्प: "शिवशक्ति गुरुकुलम्" की स्थापना
गुरु महाराज के हृदय की अनंत करुणा और दूरदर्शी सोच का परिणाम है—शिवशक्ति धाम पर एक अद्वितीय गुरुकुल की स्थापना। यह केवल एक भवन नहीं, बल्कि एक ऐसा साधना का केंद्र होगा जहाँ प्राचीन ऋषियों की 'परा-विद्या' और आधुनिक युग की 'अपरा-विद्या' का मिलन होगा। इसका मुख्य उद्देश्य आने वाली पीढ़ियों को सनातन से जोड़कर उन्हें विश्व-कल्याण के योग्य बनाना है।
